А¤а¤ѕа¤°а¤¤аґ‡а¤‚दഃ А¤їаґѓа¤— { Bhartendu Yug } А¤а¤ѕа¤°а¤¤аґ‡а¤‚दഃ А¤їаґѓа¤— А¤•аґђ А¤µа¤їа¤¶аґ‡а¤·а¤¤а¤ѕ || А¤а¤ѕа¤°а¤¤аґ‡а¤‚दഃ А¤їаґѓа¤— А¤•ഇ А¤°а¤ља¤ёа¤ѕа¤•а¤ѕа¤° May 2026
पद्य (कविता) के लिए ब्रजभाषा का प्रयोग जारी रहा, लेकिन गद्य (Prose) के लिए खड़ी बोली को अपनाया गया, जो जनता की समझ में आसानी से आ सके।
भारतेंदु युग वह सेतु है जिसने हिंदी साहित्य को मध्यकाल की श्रृंगारिकता से निकालकर आधुनिक काल की वास्तविकता और राष्ट्रीयता से मिलाया। इसी युग में हिंदी पत्रकारिता और नाटक जैसी विधाओं का वास्तविक विकास हुआ।
श्यामा स्वप्न, देवयानी, प्रेम संपत्ति लता
क्या आप भारतेंदु युग के किसी या उनकी काव्यगत शैली के बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे?
(निबंधकार) साहित्य सुमन, भट्ट निबंधावली
जीर्ण जनपद, आनंद अरुणोदय, मयंक महिमा
रचनाकार प्रमुख रचनाएँ भारतेंदु हरिश्चंद्र