आयुर्वेद में प्रोस्टेट की सूजन को कम करने के लिए कई प्रभावी जड़ी-बूटियाँ और उपाय बताए गए हैं:
पेशाब करने के बाद भी ऐसा महसूस होना कि मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं हुआ है।
विशेषकर रात के समय (नॉक्टूरिया) बार-बार उठना।